उन्हें तिनका -तिनका रोता प्रतीत होता है ,सुबह लुटी हुई ,शाम झुलसी हुई प्रतीत होती है /ख़ुशी का कहीं एक कतरा भी नहीं दिखाई देता /मगर हिम्मत है ,दिलासा है , अपने प्यार पर यकीन है /वो कहते हैं ---- --------------------------------------------बाकी हैं कुछ मेरी साँसें ,आऊँगा तेरे पास कभी,
जग के बंधन खुल जाने तक , छाऊँगा तेरे पास कभी ,
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