मंगलवार, 24 मई 2011

मैं चाहता हूँ 'गीतों के बादल' एक ऐसे' प्रेमग्रन्थ 'के रूप में प्रतिष्ठित हो ,जो इसे पदे,उसे लगे ,वो प्रेम -सरिता में नहाकर निकला है/

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