Praveen Kumar--- nice lines sir ..........
Vasundhara Pandey ---beautiful sir
Rajesh Kumar Dubey ---हद है दिवानगी की ..वाह वाह
चेतन रामकिशन- आपकी ओजस्वी रचन्नाओं पर कुछ कमेन्ट करने के लिए शब्द ही नहीं मिल पते! बहुत अनमोल रचना!
Neeraj Tripathi- मेरी आँखों से मत पूछो ,मेरी दुनिया कैसी है ,
अभी तुम्हारी आँखों से ये, बाहर ही कब निकली है , adbhut
Amit Tyagi-- bahut sundar...tushar ji
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