गुरुवार, 6 अक्टूबर 2011

मोरारजी जितने योग्य अर्थशास्त्री थे ,विद्वान तथा सरल इन्सान थे ,लोकप्रिय भी थे उतने ही कमजोर प्रधान मंत्री साबित हुए /जगजीवन राम डिप्टी पी. एम ,अटलविहारी बाजपेयी विदेश मंत्री .....सब प्रधानमंत्री की रेस में चोधरी चरणसिंह आदि के बीच मोरारजी भाई कहाँ खड़े थे उन्हें खुद पता नहीं था /निराश होकर जुलाई १९७९ में इस्तीफ़ा दे दिया / उनकी जगह चरणसिंह को छह महीने के लिए काम चलाऊ पी.एम .बनाया गया /संयुक्त जनता दल ताश के पत्तों की तरह बिखर गया /उधर इंदिरा गाँधी की बदती लोकप्रियता से भी सिंहासन हिलने लगा/

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