जनवरी १९८० में जनता दल की विफलता तथा आपसी फूट के कारण चुनाव हुए /इंदिरा गाँधी की एक बार फिर धमाकेदार बापसी हुई /जनतादल १७२ सीट से लुदककरकुल ३१ सीट पर आ गया /केंद्र में अब इंदिरा कांग्रेस या कांग्रेस आई की मजबूत सरकार सिंहासन पर थी/ मगर 'खालिस्तान आन्दोलन' ने इंदिरा को चैन से बैठने न दिया /भारत के लोगों को सिक्खों से बेहद प्यार था ,उनकी बहादुरी की कद्र की जाती थी / मगर यह कैसा अप्प्रयाशित आन्दोलन छिड़ा सभी सकते में थे /सिख पूरे भारत में फैले हुए थे /खुश थे /मगर पंजाब में नाखुश /
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