१९८० तक आते -आते लोग राष्ट्रीय -एकता का मतलब समझने लगे थे / लोगों के मन में छोटे -मोटे डर तो थे ,कहीं जातिबाद पर , बहुसंख्यक ,अल्पसंख्यक पर ,क्षेत्रीय आस्तित्व पर चिंगारी न सुलग उठे मगर सच तो यह था पूरा देश राष्ट्र की मुख्य धारा में समां चुका था /डर होते हुए भी हिंदुस्तान हम सब का प्यारा वतन बन चुका था / हम सब भारत वासी इस मुल्क को अपना मुल्क समझने लगे थे / ऐसे में खालिस्तान का आन्दोलन कुछ सिख मिलिटेंट्स ने चलाकर पूरे देश को सकते में डाल दिया / सरकार की रातों की नींद उड़ गई /काफी प्रयास किये गए शांति से समस्या का हल निकल आये /मगर जितनी दवा की मर्ज उतना ही बदता गया / आखिर १९८४ में ब्लू -स्टार -आप्रेशन का फैसला लिया गया /बहुत
साबधानी से कार्रवाई करनी थी ,जान माल का कोई नुकसान न हो / मगर काउंटर विरोध के कारण नुकसान हुआ / आन्दोलन लगभग समाप्त हो गया /प्रतिक्रिया में ३१ अक्टूबर१९८४ के दिन इंदिरा गाँधी के अंगरक्क्षों ने उन्हें गोलियों से भून डाला /
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